Friday, June 1, 2007

दोस्ती

क्यूं यूं होता है
जब कभी तेरी याद आती है


आखें नम , दिल चुपचाप होता है
हर नज़ारा बेजार लगता है


तेरी वो हर बात रफ़्ता -रफ़्ता ,
मुझे जार जार करता है
क्यूं यूं होता है
क्यूं यूं होता है

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